ब्लॉकचैन बनाम (Vs) डेटाबेस (Blockchain Vs Database) by Prof. Sanjay Ajani

4

ब्लॉकचैन समझने में  थोड़ा जटिल लगता है,, हालांकि इसका केंद्रीय विचार वास्तव में बहुत ही बुनियादी है। ब्लॉकचेन एक तरह का डेटाबेस (Database) है। ब्लॉकचेन को समझने का विकल्प रखने के लिए,  यह  ब्लॉकचेन शुरू में यह जानने-सिखाने का काम करता है कि डेटाबेस वास्तव में क्या है।

ब्लॉकचैन बनाम (Vs) डेटाबेस (Blockchain Vs Database) : डेटाबेस(Database) क्या है?

Table of Contents

डेटाबेस(Database)  डेटा का एक संगठित संग्रह(Organized Collection) है, ताकि इसे पर्सनल कंप्यूटर फ्रेमवर्क पर आसानी से पहुंचाया (Accessed) जा सके और प्रबंधित(Managed)किया जा सके।

डेटाबेस में डेटा, या जानकारी (Information) को नियमित रूप से तालिका (Table) की रूपरेखा में संरचित किया जाता है ताकि स्पष्ट डेटा (Explicit Data) को बहुत ही सरल तरीके से दिखाया जा सके  और उसके उपरान्त उसे अलग करने के लिए ध्यान में रखा जा सके।

डेटाबेस के बजाय डेटा स्टोर करने के लिए स्प्रेडशीट का उपयोग करने वाले किसी व्यक्ति के बीच क्या अंतर है?

डेटा के प्रतिबंधित उपायों (Restricted measures ) को संग्रहीत (store) और एक्सेस (access) करने के लिए स्प्रेडशीट का उपयोग किया जाता है। किसी एक व्यक्ति या व्यक्तियों के एक छोटे से समूह के द्वारा स्प्रेडशीट को उपयोग में लिया जा सकता है। इसके विपरीत, डेटाबेस का उद्देश्य डेटा के मौलिक रूप से बड़े मापों (bigger measures) को रखना है जिसे एक ही बार में कुछ क्लाइंट्स (यूज़र्स) द्वारा फ़िल्टर, एक्सेस और जल्दी और प्रभावी ढंग से हेरफेर किया जा सके । बहुत बड़े (Enormous) डेटाबेस, शक्तिशाली कंप्यूटर फ्रेमवर्क (powerful computer framework) से बने सर्वरों पर जानकारी (Information) भरकर इसे पूरा करते हैं।

क्लाइंट्स (यूज़र्स ) को एक ही समय में डेटाबेस तक पहुंचने के लिए इन सर्वरों का निर्माण किया जाता है जो सैकड़ों या हजारों पर्सनल कंप्यूटर्स का उपयोग करके  बनते है । इन सर्वरों के पास ग्राहकों के लिए अति महत्वपूर्ण कम्प्यूटेशनल पावर और स्टोरेज कैपेसिटी होती है ।

जबकि एक स्प्रेडशीट या डेटाबेस किसी भी संख्या में लोगों के लिए उपलब्ध हो सकता है, यह नियमित रूप से एक व्यवसाय की मालिकी  में होता है और इसके अंदर पूरी जानकारी रखने वाले नियुक्त लोगों द्वारा शासित (governed) होता है।

कई लोकप्रिय डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टमस फॉक्सप्रो (FoxPro), डीबेस (dBASE), माई एसक्यूएल ( MySQL), ओरेकल (Oracle) और एसक्यूएल सर्वर (SQL Server) हैं।

डेटाबेस को आगे, केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Database) और विकेंद्रीकृत डेटाबेस (Decentralized Database) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

1 1
ब्लॉकचैन बनाम (Vs) डेटाबेस (Blockchain Vs Database) by Prof. Sanjay Ajani 6

केंद्रीकृत डेटाबेस(Centralized Database)

केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Database) मूल रूप से एक प्रकार का डेटाबेस होता है जो केवल एक ही स्थान पर संग्रहीत (stored), स्थित (located) और साथ ही बनाए रखा (maintained) जाता है। इस प्रकार के डेटाबेस को उसी स्थान (location) से संशोधित (modified) और प्रबंधित (managed) किया जाता है। इस प्रकार यह स्थान मुख्य रूप से कोई डेटाबेस सिस्टम या केंद्रीकृत (Centralized) कंप्यूटर सिस्टम है। इंटरनेट कनेक्शन ((LAN, WAN, etc.) के माध्यम से केंद्रीकृत स्थान (centralized location)तक पहुँचा जा सकता है । यह केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Database) मुख्य रूप से संगठनों (organizations) या संस्थानों (institutions) द्वारा उपयोग किया जाता है।

फायदे

डेटा तक पहुंचना (access) और उसका समन्वय करना (co-ordinate) आसान है।

न्यूनतम डेटा अतिरिक्तता (Minimal data redundancy) होती है क्योंकि सभी डेटा एक ही स्थान पर संग्रहीत (stored) होते है।

केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Database) , उपलब्ध अन्य सभी डेटाबेस की तुलना में सस्ता है।

गैरफायदे-

केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Database) में डेटा का आवागमन (data traffic) अधिक होता है।

केंद्रीकृत डेटाबेस (Centralized Database) में त्रुटि रोधकता (Fault tolerance) कम है ।

विकेंद्रीकृत डेटाबेस (Decentralized Database)

 विकेंद्रीकृत (Decentralized) डेटाबेस सिस्टमस में कोई एक मुख्य मालिक (central owner) नहीं होता है।

इसके बजाय, वे कई मुख्य मालिकों (central owners) का उपयोग करते हैं, जिनमें से प्रत्येक मालिक (each owner) आमतौर पर उन डेटाबेस स्त्रोतों (Database Resources) की एक नकल (copy) अपने पास संग्रहीत (store) करता है जिन्हें उपयोगकर्ता (users) एक्सेस (access) कर सकते है।

 विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized system),  एक केंद्रीकृत प्रणाली (Centralized system) जैसे टूटती (crash)  है उसी तरह टूटने (crash) में संवेदनशील हो सकती है । हालांकि, यह विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized system) उसकी डिजाइन के कारण ज्यादा त्रुटि रोधक (fault tolerant) है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब एक या अधिक मुख्य मालिक(central owner) या सर्वर (server) विफल (fail) हो जाता है तो अन्य मुख्य मालिकों (central owners) के द्वारा उपयोगकर्ताओं (users) को डेटा एक्सेस(access) प्रदान करना जारी रख सकते है।

 फायदे

विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized system) में  केंद्रीकृत प्रणाली (Centralized system)  की तुलना में विफल (fail) होने की संभावना कम है।

विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized system) में बेहतर प्रदर्शन (Better performance) मिलता है। विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized system) , अधिक विविध (more diverse) और अधिक लचीली (more flexible) सिस्टम बनाने की अनुमति देता है ।

 गैरफायदे-

विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized system) में,  उपयोगकर्ताओं (users) के लिए सुरक्षा (Security) और गोपनीयता (privacy) का जोखिम रहता है ।

विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized system) की संभाल-रखरखाव  के लिए ज्यादा लागत लगती है ।

विकेंद्रीकृत प्रणाली (Decentralized system) ठीक से अनुकूलित (optimized) नहीं होने पर असंगत परिणाम (Inconsistent performance) देती है ।

ब्लॉकचैन बनाम डेटाबेस (Blockchain Vs Database): ब्लॉकचैन टेक्नोलॉजी डेटाबेस क्या है?

2
ब्लॉकचैन बनाम (Vs) डेटाबेस (Blockchain Vs Database) by Prof. Sanjay Ajani 7

ब्लॉकचैन, मूल रूप से ब्लॉक चेन, डेटाबेस रिकॉर्ड की एक बढ़ती हुई सूची (list)  है, जिसे ब्लॉक (Block) कहा जाता है । ये ब्लॉक (Block),  क्रिप्टोग्राफी तकनीकों (cryptography techniques) का उपयोग करके एक दूसरे के साथ जुड़े ( linked) हुए होते है।प्रत्येक ब्लॉक में पिछले ब्लॉक का एक क्रिप्टोग्राफिक हैश (hash),  समयावधि (timestamp) और लेन-देन संचालन (transaction) का डेटा होता है ।

[ हैश(hash) एक ऐसा फ़ंक्शन है जो अक्षरों (letters) और संख्याओं (numbers) के इनपुट को एक निश्चित लंबाई (fixed length) के एन्क्रिप्टेड आउटपुट (encrypted output) में परिवर्तित करता है। हैश (hash) को एल्गोरिदम (algorithm) का उपयोग करके बनाया गया है और वह क्रिप्टोकुरेंसी (कूटलिपि मुद्रा / Cryptocurrency)  में ब्लॉकचैन प्रबंधन (Blockchain management) के लिए आवश्यक है।]

 यू-ट्यूब वीडियो लिंक : https://www.youtube.com/watch?v=27nS3p2i_3g&feature=youtu.be

 डिज़ाइन के अनुसार, एक ब्लॉकचेन अपने डेटा के सुधार व संशोधन के लिए बाधक है। ब्लॉकचेन के डेटा को एकबार लिखने/ रिकॉर्ड किए जाने के बाद बदला नहीं जा सकता है ।

ऐसा इसलिए है क्योंकि कोई ब्लॉक में डेटा को एक बार रिकॉर्ड किए जाने के बाद,  उस  ब्लॉक के डेटा में बदलाव करने के लिए  उसके बाद के आगामी सभी ब्लॉकों में पूर्वव्यापी (retroactively)  रूप से बदलाव करना जरुरी होता है, ऐसा किए बिना कोई भी ब्लॉक के डेटा को  पूर्वव्यापी (retroactively) रूप से बदला नहीं जा सकता है।

एक वितरित खाताबही (distributed ledger) के रूप में उपयोग के लिए, ब्लॉकचेन को आमतौर पर एक पीयर-टू-पीयर नेटवर्क (peer-to-peer network) द्वारा प्रबंधित (managed) किया जाता है जो सामूहिक रूप से इंटर-नोड संचार (inter-node communication) के लिए एक प्रोटोकॉल का पालन करता है और नए ब्लॉकों को मान्य (valid) करता है।

हालांकि ब्लॉकचेन रिकॉर्ड अपरिवर्तनीय नहीं हैं(बदला जा सकता है), लेकिन ब्लॉकचेन को उसकी डिजाइन के कारण सुरक्षित माना जा सकता है और उसको एक वितरित कंप्यूटिंग सिस्टम (distributed computing system) का उदाहरण दिया जा सकता है। ब्लॉकचेन को ” एक खुली, वितरित खाताबही “ (open distributed ledger) के रूप में व्याख्यायित किया गया है । [ प्रतिकृति (नक़ल) की आम सहमति (consensus), सहभाजित (shared) और समकालिक (synchronized) डिजिटल डेटा भौगोलिक रूप से कई साइटों, देशो और संस्थानों में फैला हुआ है) ]

जो दो पक्षों के बीच लेन-देन (transactions) को कुशलतापूर्वक और सत्यापन योग्य/ प्रमाण योग्य (verifiable) और स्थायी तरीके से रिकॉर्ड कर सकता है ।

ब्लॉकचैन बनाम डेटाबेस  (Blockchain Vs Database): ब्लॉकचैन डेटाबेस से कैसे अलग है ?

3
ब्लॉकचैन बनाम (Vs) डेटाबेस (Blockchain Vs Database) by Prof. Sanjay Ajani 8

 आर्किटेक्चर (निर्माणकला)

ओथोराइज़ेशन (प्राधिकार)

डेटा हैंडलिंग(डेटा संचालन) और पारदर्शिता (Transparency)

 लागत(cost), गति(speed) और प्रदर्शन (performance)

 जबकि कोई एक डेटाबेस पर सुरक्षित सभी रिकॉर्ड केंद्रीकृत (centralized) होते हैं, लेकिन ब्लॉकचेन पर प्रत्येक प्रतिभागी (participant) के पास सभी रिकॉर्ड और सभी परिवर्तनों (changes) की एक सुरक्षित प्रति (copy) होती है ताकि प्रत्येक उपयोगकर्ता (each user) डेटा के स्रोत (source) को देख सके।

मुख्य बात तब होती है जब कोई असंगति (inconsistency) होती है- चूंकि प्रत्येक प्रतिभागी (each participant) रिकॉर्ड की एक प्रति (copy) रखता है और ब्लॉकचैन तकनीक किसी भी अविश्वसनीय/गलत जानकारी की तुरंत पहचान करती है और उसमे सुधार करती है।

केंद्रीकृत (centralized) डेटाबेस आर्किटेक्चर    ब्लॉकचैन(Blockchain) आर्किटेक्चर

आकृति1.1 रेखाचित्र (Diagram), केंद्रीकृत (centralized) डेटाबेस बनाम ब्लॉकचैन (Blockchain) के आर्किटेक्चर को दिखा रहा है।

केंद्रीकृत(centralized) डेटाबेस बनाम(Vs) ब्लॉकचैन : आर्किटेक्चर

 डेटाबेस, क्लाइंट/सर्वर आर्किटेक्चर (client/server architecture) पर आधारित होता है। यह एक सफल आर्किटेक्चर है जो छोटे पैमाने और बड़े पैमाने पर दोनों तरह की परिस्थिति में काम कर सकता है। यहां क्लाइंट एक रिसीवर है, जबकि सर्वर एक केंद्रीकृत प्रसंस्करण इकाई (Centralized Processing Unit) के रूप में कार्य करते हैं। क्लाइंट और सर्वर के बीच संचार (communication) एक सुरक्षित कनेक्शन (secure connection) के माध्यम से बनाए रखा जाता है।

दूसरी ओर, ब्लॉकचैन एक वितरित लेज़र नेटवर्क (distributed ledger network) आर्किटेक्चर का उपयोग करता है। यह एक पीयर-टू-पीयर (peer-to-peer) नेटवर्क है जहां प्रत्येक पीयर (peer) सुरक्षित क्रिप्टोग्राफ़िक प्रोटोकॉल का उपयोग करके दूसरे पीयर (peer) के साथ जुड़ सकता है।

चूंकि, ब्लॉकचैन में कोई केंद्रीकृत (centralized)  नोड नहीं है, ब्लॉकचेन के सभी पीयर नोड (peer node) सामूहिक रूप से कन्सेंसस/सर्वसम्मति एल्गोरिथ्म (Consensus algorithm) में भाग ले सकते हैं।

सबसे लोकप्रिय कन्सेंसस/सर्वसम्मति एल्गोरिथ्म (Consensus algorithm) में से एक एल्गोरिथ्म प्रूफ-ऑफ-वर्क (Proof-of-Work) है, जिसके लिए खनिकों (miners / खदान में काम करने वाले) को नेटवर्क पर लेन-देन (transaction) को मान्य (valid) करने के लिए जटिल गणितीय समीकरणों (complex mathematical equations) को हल करने की आवश्यकता होती है।

जबकि डेटाबेस को कन्सेंसस/सर्वसम्मति एल्गोरिथ्म (Consensus algorithm) की कोई आवश्यकता नहीं है और यह डेटाबेस पूरी तरह से केंद्रीकृत दृष्टिकोण (Centralized approach) पर निर्भर है ।

 डेटाबेस में, डेटाबेस एडमिनीस्ट्रेटर (डेटाबेस व्यवस्थापक/DBA) डेटाबेस के हर पहलू को नियंत्रित (control) करता है और उसे अत्यधिक केंद्रीकृत (centralized) बनाता है।

ब्लॉकचैन बनाम डेटाबेस (Blockchain Vs Database) : प्राधिकरण (ओथोराइज़ेशन)

केंद्रीकृत डेटाबेस (centralized database) में डेटाबेस को प्रबंधित (manage) करने के लिए एक डेटाबेस एडमिनीस्ट्रेटर (डेटाबेस व्यवस्थापक/DBA) को नियुक्त किया जाता है ।

डेटाबेस पर डेटाबेस एडमिनीस्ट्रेटर (डेटाबेस व्यवस्थापक/DBA) का पूरा नियंत्रण होता है, जिसका यह अर्थ है कि वह डेटाबेस को अपनी इच्छानुसार प्रबंधित (manage), संशोधित (modify) और नियंत्रित (control) कर सकता है। डेटाबेस एडमिनीस्ट्रेटर (डेटाबेस व्यवस्थापक/DBA) के बिना, डेटाबेस बिल्कुल भी कार्य नहीं करेगा।

 डेटाबेस कार्यप्रणाली में डेटाबेस एडमिनीस्ट्रेटर (डेटाबेस व्यवस्थापक/DBA) का कार्य सबसे ऊपर (शीर्ष) होता है और वह आसानी से डेटाबेस में रिकॉर्ड बना सकता है, डेटाबेस को संशोधित (modify) कर सकता है, बदल (change) सकता है और हटा (remove) भी  सकता है। इसके अलावा, वे प्रदर्शन अनुकूलन (performance optimization) जैसे अन्य कार्य भी कर सकता है। यह एक महत्वपूर्ण कार्य है क्योंकि एक बड़ा डेटाबेस (large database) समय के साथ धीमा हो जाता है।

जब डेटाबेस से जुड़े अन्य उपयोगकर्ताओं (other users) की बात आती है, तो  डेटाबेस एडमिनीस्ट्रेटर (डेटाबेस व्यवस्थापक/DBA) अन्य उपयोगकर्ताओं को डेटाबेस की विविध भूमिकाएँ (roles) सौंप सकता है ।

अन्य उपयोगकर्ता (other users) , उन्हें सौंपी गई भूमिका के अनुसार डेटाबेस को प्रबंधित (manage) कर सकते है । उदाहरण के लिए, वह एक उपयोगकर्ता (user) को नए उपयोगकर्ता (new user) बनाने के लिए नियुक्त कर सकता है ।

अन्य प्रमुख कार्य, जैसे डेटाबेस का बैकअप (backup), रखरखाव (maintenance) आदि भी किए जा सकते हैं। ब्लॉकचेन को विकेंद्रीकृत (Decentralized) तरीके से काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जबकि डेटाबेस हमेशा केंद्रीकृत (centralized) होते हैं।

ब्लॉकचेन की यह अनूठी विशेषता इसे अगली पीढ़ी की टैकनोलजी बनने के लिए आवश्यक शक्ति प्रदान करती है।

विकेंद्रीकरण (decentralization) विभिन्न उद्योगों (industries) द्वारा उपयोग की जाने वाली मौजूदा प्रणालियों (current systems) और प्रक्रियाओं (process) में बहुत सारे कार्यान्वित परिवर्तन (implementation changes) लाता है।

 विकेंद्रीकरण (decentralization),  नेटवर्क को स्वतंत्र रूप से काम करने का अधिकार देता है और केंद्रीकृत नियंत्रण (centralized control) की किसी भी आवश्यकता को दूर करता है।

ब्लॉकचैन बनाम डेटाबेस  (Blockchain Vs Database): डेटा हैंडलिंग(डेटा संचालन) और पारदर्शिता(Transparency)

 पारंपरिक डेटाबेस (traditional database) में, डेटा को आसानी से संग्रहीत (stored) और पुनर्प्राप्त (retrieved) किया जा सकता है।

 एप्लिकेशन के उचित संचालन (proper operation) को सुनिश्चित करने के लिए, प्राथमिक स्तर पर क्रिएट, रीड, अपडेट और डिलीट (CRUD) का उपयोग किया जाता है और जरूरत पड़ने पर डेटा को मिटाया जा सकता है और नए मूल्यों के साथ बदला जा सकता है।

 दूसरी ओर, जब डेटा स्टोरेज की बात आती है तो ब्लॉकचेन अलग तरह से काम करता है। ब्लॉकचेन अपरिवर्तनीयता (immutability) का समर्थन करता है, जिसका अर्थ है कि एक बार लिखे गए डेटा को मिटाया या बदला नहीं जा सकता है।

अपरिवर्तनीयता (immutability) का अर्थ है कि नेटवर्क के भीतर कोई डेटा के साथ किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप एवं डेटा के साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है।

जबकि पारंपरिक डेटाबेस (traditional database) अपरिवर्तनशील (immutable) नहीं होते है और इसलिए कोई दुष्ट /ठग एडमिनीस्ट्रेटर (व्यवस्थापक) या थर्ड-पार्टी हैक(hack) द्वारा  छलकपट या चालाकी से  डेटा/डेटाबेस की हेरफेर किए जाने की अधिक संभावना होती है। संक्षेप में, ब्लॉकचेन केवल दो कार्यों का समर्थन करता है, पढ़ें (read) और लिखें (write)।

रीड (read) ऑपरेशंस:

ब्लॉकचेन नेटवर्क से डेटा को पढ़ने (read) या पुनर्प्राप्त (retrieve) करने के लिए रीड ऑपरेशंस का उपयोग किया जाता है।

राइट (write) ऑपरेशंस :

ब्लॉकचेन नेटवर्क में सूचना (information) और डेटा को जोड़ने (link) के लिए राइट (write) ऑपरेशंस उपयोग किया जाता है ।

एक मुख्य पारदर्शि गुण (transparent property) जो ब्लॉकचेन प्रदान करती है वह यह है की डेटा को सार्वजनिक (public) ब्लॉकचेन में लिखे जाने के बाद सही उपकरण वाला कोई भी व्यक्ति डेटा को कैसे जांच कर सकता है।

पारदर्शिता (transparency) यह सुनिश्चित करती है कि जनता/ लोग नेटवर्क पर भरोसा कर सके।

दूसरी ओर, केंद्रीकृत डेटाबेस (centralized database), केंद्रीकृत (centralized) होने के कारण, किसी भी प्रकार की पारदर्शिता का समर्थन नहीं करता है।

केंद्रीकृत डेटाबेस(centralized   database) में, उपयोगकर्ता (users) चाहते हुए भी डेटा और जानकारी (information) की जांच नहीं कर सकते हैं।

हालाँकि, केंद्रीकृत डेटाबेस (centralized   database) में एक डेटाबेस एडमिनीस्ट्रेटर (डेटाबेस व्यवस्थापक/DBA) डेटा के एक सेट को सार्वजनिक कर सकता है, लेकिन फिर भी, डेटा की जांच/सत्यापन दूसरी व्यक्ति द्वारा नहीं की जा सकती है।

ब्लॉकचैन बनाम डेटाबेस  (Blockchain Vs Database): लागत(cost), गति(speed) और प्रदर्शन(performance)

जब कार्यान्वित लागत (implementation cost), की बात आती है, तो पारंपरिक डेटाबेस ब्लॉकचैन की तुलना में कम खर्चीला होता है।

हालाँकि, यदि हम प्रत्येक तकनीक (technology) से जुड़ी लागत को देखें, तो ब्लॉकचेन अधिक लागत प्रभावी समाधान (cost-effective solution) प्रदान कर सकता है क्योंकि पीयर (peer) ज्यादातर नेटवर्क का प्रबंधन (management) करते है।

 ब्लॉकचैन में विविध संगठनों (organizations) को नेटवर्क को संभालने से जुड़ी अतिरिक्त लागत( extra cost) से निपटने की ज़रूरत नहीं है, जिससे बहुत सारी लागत (cost) बच सकती है।

डेटाबेस की तुलना में ब्लॉकचेन काफी धीमी है। हालाँकि, ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि ब्लॉकचेन एक अपेक्षाकृत नई तकनीक है और अभी भी ब्लॉकचेन को विकसित होने और डेटाबेस जैसी अच्छी तरह से पुरानी प्रौद्योगिकियों (technologies) के मानकों (standards) से मेल खाने के लिए बहुत समय चाहिए।

 जब ब्लॉकचेन में लेन-देन (transactions) किया जाता है, तो यह उन सभी चीजों को करता है जो एक पारंपरिक डेटाबेस (traditional database) करता है ।

 हालाँकि, ब्लॉकचेन में अधिक ऑपरेशंस करने के कारण इसे धीमा कर दिया गया है।

 ब्लॉकचैन ऑपरेशंस (Blockchain Operations) :

 कन्सेंसस की गति (Speed of Consensus)

जैसा कि ब्लॉकचेन एक विकेंद्रीकृत प्रणाली (decentralized system) है, यह ब्लॉकचेन पर लेन-देन (transactions) को मान्य (valid) करने के लिए कन्सेंसस (आम सहमति) तकनीक पर बहुत अधिक निर्भर रहने की जरूरत पड़ती है। साथ ही, कन्सेंसस की गति, उसमे उपयोग की जाने वाली कन्सेंसस पद्धति के प्रकार पर निर्भर करती है।

 कुछ कन्सेंसस पद्धति दूसरों की तुलना में तेज़ होती है, लेकिन कुल मिलाकर, लेन-देन (transactions) प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले यह कन्सेंसस में प्रक्रिया अधिक समय जोड़ती है।केंद्रीकृत डेटाबेस(centralized database) इस तरह की समस्या से ग्रस्त नहीं होते हैं क्योंकि वे अपने गुण में केंद्रीकृत (centralized) प्रकार के होते हैं।

 प्रत्येक लेन-देन (transactions), डेटाबेस द्वारा स्वचालित रूप(automatically) से जांच/सत्यापित(verified) किया जाता है और कतार(queue) का उपयोग करके तेजी से निष्पादित/ पूरा(executed) किया जा सकता है।

हस्ताक्षर/ दस्तखत का सत्यापन/ जांच(Verification of Signature)

 ब्लॉकचेन में प्रत्येक लेन-देन (transactions),  जब किए जाते हैं, तब क्रिप्टोग्राफ़िक एल्गोरिदम (cryptographic algorithm) का उपयोग करके लेन-देन (transactions) को क्रिप्टोग्राफ़िक (cryptographic) रूप से हस्ताक्षरित (signed) किया जाता है।

 यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक लेन-देन (transactions) वैध (valid) है और एक वैध स्रोत (valid source) से उत्पन्न हुआ है। चूंकि यह एक जटिल प्रक्रिया है, इसलिए प्रक्रिया को पूरा करने में समय लगता है। भले ही संपूर्ण ब्लॉकचैन एप्लिकेशन तेज है, फिर भी हस्ताक्षर जांच/सत्यापन (Verification of Signature) बाधा उत्पन्न कर सकता है।

ब्लॉकचैन की तुलना में, एक केंद्रीकृत डेटाबेस(centralized database) को हस्ताक्षर सत्यापन (Verification of Signature) प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता है, जो उन्हें (केंद्रीकृत डेटाबेस को) तुलनात्मक रूप से तेज़ बनाता है।

 अतिरेकता (Redundancy)

 ब्लॉकचेन एक संपूर्ण नेटवर्क है जहां प्रत्येक पीयर (peer) नोड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रत्येक लेन-देन (transactions)  की जानकारी को प्रत्येक नोड द्वारा संग्रहीत (stored) और जांच/सत्यापित (verified) करने के बाद ही यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक पीयर (peer) नोड ब्लॉकचैन में भाग ले सकता है ।

ये तीन पहलू (aspects) ब्लॉकचेन को धीमा कर देते हैं। इसका मतलब यह है कि प्रदर्शन (performance) के मामले में डेटाबेस तुलनात्मक रूप से ब्लॉकचैन से तेज़ होते हैं।

संदर्भ(reference):  https://www.ibm.com/blogs/blockchain

डेटाबेस प्रकार त्रुटि रोधकतारखरखावमापनीयताविकास क्रमागत उन्नति 
केंद्रीकृतनिम्न निम्न निम्न मध्यम निम्न 
विकेंद्रीकृतमध्यम मध्यम मध्यम मध्यम उच्चतम 
वितरितउच्चतम उच्चतम उच्चतम उच्चतम उच्चतम 

त्रुटि रोधकता (Fault tolerance) वह गुणधर्म है जो किसी सिस्टम को इसके कुछ घटकों (components) के (या एक या अधिक त्रुटि /दोष के अंतर्गत) विफल (failure) होने की स्थिति में ठीक से संचालन (operations) जारी रखने में सक्षम बनाती है।

डेटाबेस रखरखाव (database maintenance) एक शब्द है जिसका उपयोग प्रदर्शन (performance) में मदद करने के लिए नियमित कार्यों के एक सेट का निरूपण करने के लिए किया जाता है, डिस्क में जगह खाली करें (free up disk space), डेटा-त्रुटियों की जांच करें ( check for data errors), हार्डवेयर त्रुटियों की जांच करें (check for hardware faults), आंतरिक आंकड़े अपडेट करें (update internal statistics), और कई अन्य अस्पष्ट (लेकिन महत्वपूर्ण) चीजें जो आपके डेटाबेस को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाती है।

डेटाबेस मापनीयता (scalability), डेटाबेस मापन (scale) करने या डेटाबेस स्केल-अप (scale-up) करने की क्षमता है ताकि इसे प्रदर्शन (performance) को त्याग (sacrifice) किए बिना डेटा की बढ़ती मात्रा को पकड़ने (hold) की अनुमति मिल सके ।

विशिष्ट दृष्टिकोण का उद्देश्य, डेटाबेस के टुकड़े करना और एक क्लस्टर में कई सर्वरों में वितरित (distribute) करना है।

3 Comments

Leave a Reply

*

X
wpChatIcon